काश इस जीवन मे एक साथ 'अपना' सा भी होता...
कोई लेन देन नहीं, बस साथ होता!
हाथों में एक दोस्ती सी सौगात सा होता।
हस्ती गुदगुदाती ज़िंदगी का वो एक एहसास होता
काश इस जीवन मे एक साथ अपना सा भी होता...
वक़्त बीता, समय का पहियाँ बदला...
जो हाथ थे साथ, ज़िंदगी के हर फेरबदल में...
उनमें से हमारा साथ फिसला,
काश इस जीवन मे एक साथ अपना सा भी होता...
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